सुशांत की फॉरेंसिक रिपोर्ट पर वकील के सवाल,इस मामले में सीबीआई को  लिखी चिट्ठी

सुशांत की फॉरेंसिक रिपोर्ट पर वकील के सवाल,इस मामले में सीबीआई को लिखी चिट्ठी

By Poonam Rajpoot

लेट एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के विसरा रिपोर्ट क्लीयर होने के बाद केस को बंद करने कि बात की जा रही हैं। सीबीआई के द्वारा गठित एम्स के पैनल ने सुशांत की मौत को आत्महत्या बताया है तो वही फिर दोबारा सुशांत केस के वकील ने विसरा रिपोर्ट के लेकर कई सवाल किए है। लेकिन सुशांत के परिवार के वकील इसे मानने को तैयार नहीं. वकील विकास सिंह ने इस मामले में सीबीआई को एक चिट्ठी लिखी है। जिसमें दोबारा फॉरेंसिक टीम गठन की मांग की गई है और इसके अलावा मौजूदा जांच में कमियां गिनाई गई हैं।

इस चिठ्ठी में वकील ने कई दावे किये हैं। जिनपर अब पोस्टमार्टम करने वाली टीम ने अपना जवाब दिया हैं । विकास सिंह के द्वारा लिखे गए खत में जिन -जिन फैक्चुअल एरर की बात कही गई है वो ये है कि क्या रात में पोस्टमॉर्टम करने के लिए मजिस्ट्रेट ने इजाजत दी थी इस पर पोस्टमार्टम करने वाली टीम का जवाब रहा कि पोस्टमॉर्टम की जरूरत तभी होती है, जब कस्टडी में किसी की मौत हुई हो या दंगे में कोई मरा हो यानी जिसकी मौत 176 CrPC के तहत हुई हो. सुशांत का मामला 174 CrPC के अंतर्गत आता है, जहां पुलिस के पास पोस्टमॉर्टम करवाने का अधिकार है। जब वकील द्वारा पूछा गया कि सुशांत के मौत वाले दिन ही क्यों देर शाम पोस्टमार्टम करवाया गया । ऐसा करना कितना जरूरी थी । लेकिन इस जवाब में कहना रहापुलिस अधिकारी हमारे पास आए थे, उन्होंने ही हमसे पोस्टमॉर्टम करने को कहा था इसलिए कर दिया गया था. ऐसा कोई नियम नहीं है कि पोस्टमॉर्टम रात को नहीं हो सकता है. 2013 के एक सर्कुलर के अनुसार रात को भी पोस्टमॉर्टम किया जा सकता है ।

पोस्टमार्टम के दौरान सुशांत के परिवार में से कौन – कौन सदस्य मोज़ूद थे । इस पर डॉक्टर का कहना रहा उस समय पोस्टमार्ट के लिए सुशांत के परिवार की तरफ से उनकी बहन प्रियंका पुलिस के साथ थी । और उनका पति भी उनके साथ था । उसके बाद सुशांत की बहन और जीजा ओपी सिंह पोस्टमॉर्टम सेंटर पर आए थे ।

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