संयुक्त अमेरिका सरकार की शाखा नासा का नया  मून मिशन अभ्यान

संयुक्त अमेरिका सरकार की शाखा नासा का नया मून मिशन अभ्यान

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By Poonam Rajpoot

जहां आज के समय में नेटवर्क को पड़ने के लिए एक रूम से दूसरे रूम में चक्कर लगाने पड़ते हैै तो वही नासा चांद पर 4G नेटवर्क लगाने की तैयारी कर रहा है । बता दे नासा चंद्रमा पर 4जी नेटवर्क बिछाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए नासा ने कंपनियों से परमिशन भी ले ली है । लेकिन सवाल ये भी है कि जहां धरती पर ग्रांहकों को 4G नेटवर्क नहीं मिल पा रहे ऐसे में नासा चांद पर 4G नेटवर्क स्थापित करने की तैयारी कर रहा है । आखिर क्यों और कैसे? नासा चांद पर 4जी नेटवर्क सेट करने के लिए एक टेलीकॉम कंपनी और दूसरी हार्डवेयर यानी मशीनरी आदि बनाने वाली कंपनी को खोज रहा था। उनकी खोज खत्म हुई है दो कंपनियों पर. एक का नाम है वोडाफोन (इसके नेटवर्क की खूबी जानने के लिए नीचे का ट्वीट देखें) और दूसरी नोकिया. हां वही नोकिया, जिसने नोकिया 5110 और नोकिया 1100 जैसे जड़ीले मोबाइल बनाए थे। नोकिया मोबाइल बनाने के साथ-साथ बड़ी-बड़ी मशीनें बनाने का काम भी करती है। जो मोबाईल नेटवर्क बनाने में भी काम करती करती है ।

इन सबके मद्दे नज़र सवाल ये भी हैं कि आखिर चांद पर 4G नेटवर्क की जरूर क्यों पड़ने लगी । 50 साल बाद फिर से संयुक्त अमेरिका सरकार की शाखा ने फिर से मून मिशन की पहल कर दी है। क्योंकि अब फिर से अमेरिका मून मिशन की तैयारी कर रहा है । नासा की वेबसाइट के अनुसार, 2024 में फिर से एस्ट्रोनॉट्स को चांद पर लैंड कराने का प्लान बना रहे हैं । इस बार लैंडिंग साउथ पोल पर की जाएगी । इस लैंडिंग के लिहाज से भी इस तैयारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 4जी नेटवर्क उपलब्ध हो जाने से चंद्रमा पर चलने वाली गाड़ी, जिसे रोवर कहते हैं और एस्ट्रोनॉट्स के बीच आपस में बात करना काफी आसान हो जाएगा ।


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